Real truth Of Sant Shri Asaramji Bapu
Monday, December 9, 2013
क्या आप मीडिया पे विश्वास रखते है ?
भारत के पढ़े-लिखे युवा से लेकर दिग्गज बुद्धीजीवी, मानवाधिकार के हनन के खिलाफ दिन-रात एड़ियां घिसने वाले भी सहर्ष सुर से सुर मिला कर संत आसाराम बापूजी को कोसने में लगे हैं |
आखिर क्यूँ ?आखिर क्यूँ ?आखिर क्यूँ ?आखिर क्यूँ ?????
आखिर क्यूँ ?आखिर क्यूँ ?आखिर क्यूँ ?आखिर क्यूँ ?????
क्यूँ नही आता है आपके मन में ये सवाल कि युगों से चली आ रही शिष्य और गुरु की परंपरा को आज चंद रुपयों के लिए नीलाम किया जा रहा है|
आखिर क्यूँ ?आखिर क्यूँ ?आखिर क्यूँ ?आखिर क्यूँ ?????
मैं नहीं कहती कि बापू निर्दोष हैं न तो मैं ये कहती हूँ कि बापू दोषी हैं पर मेरा आग्रह है कि सच क्या है ये जानना हो तो दोनों पक्ष जरुर देखें बस एक पक्ष कि सुन के किसी पे ऊँगली उठाना क्या मीडिया कि अंध भक्ति नही हुई ?...बापू दोषी हैं तो जरुर सजा मिले पर निर्दोष हैं तो वो भी सामने आना चाहिए आखिर किसी एक पक्ष को सुन के ही दुसरे पक्ष को महज़ आरोप के आधार पे दोषी ठहराना कितना जायज है और कहाँ कि बुद्धिमानी है ?...क्या आरोप लगने मात्र से कोई दोषी हो जाता है ?
अगर हाँ तो आज भी बापू पे आरोप लगाने वालों १०-१२ लोगों से ज्यादे उन्हें पूजने वाले करोड़ों लोग हैं फिर क्यूँ बापू निर्दोष नही हो सकते ?...जरा निष्पक्ष होक मीडिया के अंधभक्ति से बाहर निकलिए निष्पक्ष बनिए दोनों पक्षों को देखिये सुनिए और फिर कहिये कि क्या बापू दोषी है ?
खैर , जो भी हो पर हमारा तो यही कर्त्तव्य बनता है कि बिना दोनों पक्षों को जानें हमें ऊँगली नहीं उठानी चाहिए ... क्या ये मीडिया कि अंधभक्ति नही होगी हमारे द्वारा अगर हम बिना दोनों पक्षों को जाने बस मीडिया कि बात सुन के किसी पे ऊँगली उठाएं ??? और संत राम रहीम जी ने जो कहा कि “ आज के समय में तो लोग कुछ रुपयों के लिए अपनी इज्जत तक बेच देते हैं फिर लाखों रुपये मिलने पे कोई किसी पे झूठा आरोप लगा दे तो क्या बड़ी बात है ? ”
क्या ये भी एक कड़वा सच नहीं है???
मेरा सवाल मीडिया से ये भी है कि ---
- मीडिया मुजफ्फर नगर दंगों पर शांत क्यों है ?...पैसे मिल गए या खबर दिखाने के पीछे जो नियत था वो पूरा हो गया?
- मीडिया निष्पक्ष है तो मौलवियों के सेक्स स्कैंडल पर लोगों को जागरूक क्यूँ नहीं करता?
- मीडिया निष्पक्ष है तो दोनों पक्ष क्यूँ नही दिखाता ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो सिंघवी के CD पे खामोश क्यूँ ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो जम्मू में पादरी ने पोर्न दिखा के जो रेप किये और ग्रेस होम संस्था में जो यौन शोषण हुआ उसपे ट्रायल क्यूँ नही चलाता ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो राहुल और सुकन्या देवी के मुद्दे पे खामोश क्यूँ ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो जम्मू में हुए दंगो पे खामोश क्यूँ ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो एक मौलवी जी को एक लड़का चाक़ू इसलिए मारता है क्यूंकि मौलवी जी ने उसके साथ अपाकृतिक यौन सम्बन्ध बनाया ,फिर मीडिया इस पर खामोश क्यूँ ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो नारायण साईं और संत आशाराम बापू पे आरोप लगाने वाली दो बहनों कि एक बहन अभी भी आश्रम में है और उसने कल ही आश्रम छोड़ने से मना कर दिया ये क्यूँ नही दिखाता ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो आचार्य भोलानंद पे उनके भाई ने जो आरोप लगाया और उसके ऊपर अपने पिता के हत्या का जो केस चल रहा वो क्यूँ नही दिखाता ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो अमृत प्रजापति ने अपने औरत को बुरका पहना के बापू पर आरोप लगाने के लिए मीडिया के सामने खड़ा किया था, ये क्यूँ नही दिखाता? प्रजापति ने अपने मरीज़ की जान तक ले ली और आश्रम में आने वाले मरीजों को जांच के नाम पर बाहर महंगे जांच करवाने भेजता था, ये मीडिया क्यूँ नही दिखाता ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो ये क्यूँ नही बताता कि प्रजापति जी ने आश्रम छोड़ा नहीं था बल्कि उसे निकाला गया था और निकालते वक़्त का विडियो क्यूँ नही दिखाता जबकि विडियो Youtube पे भी है ?
- महेंदर चावला के खिलाफ उसके ही भाइयों और कई आश्रम में आने वालों ने पैसे चुराने के केस करवाए क्यूँ नही दिखाता ? चावला जी आश्रम से क्यूँ निकाले गए इस्पे आश्रम का पक्ष क्यूँ नही दिखाता ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो आश्रम में रहने वाले महिलाओं के भी बयां क्यूँ नही दिखाता आश्रम से लाइव ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो आश्रम में रह रहे साधकों के बयान क्यूँ नही दिखाता आश्रम में जा के वहां से लाइव ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो आशाराम बापू के जमीं घोटालों के तरह वाड्रा के जमीं घोटालों पे ट्रायल क्यूँ नही चलाता ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो आश्रम के आदिवासी इलाको में किये गए कार्य क्यूँ नहि दिखाता ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो माता पिता पूजन दिवस के बारे में प्रचार क्यूँ नही करता ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो स्वामी लक्ष्मणानंद के हत्या में आरोपी दलित ईसाईयों और धर्मान्तरण पे ट्रायल क्यूँ नही चलाता ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो मोदी के दंगो के आड़ में कांग्रेस के दंगो को क्यूँ छुपाता है ?
- मीडिया निष्पक्ष है तो राम सेतु के मुद्दे पे खामोश क्यूँ ? रामसेतु को तोड़ने से जो नुक्सान कमिटी ने बताया वो भी तो बताये ?
और भी बहुत से सवाल हैं जिनका उल्लेख करना जरूरी है पर आशाराम बापू जी पे आरोप लगाने से पहले क्या एक पत्रकार के तौर पर आश्रम और वहां के निवासियों का पक्ष सुनना जानना क्या पाप है या पत्रकारिता पर कलंक है ?
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